➤ चार जिलों में आज आंधी-तूफान का येलो अलर्ट, 40 किमी/घंटा तक हवाएं
➤ प्रदेश में 6 दिन तक जारी रहेगा बारिश-बर्फबारी का दौर
➤ 29-30 मार्च को भारी बारिश, ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान की आशंका
हिमाचल प्रदेश में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और लगातार सक्रिय हो रहे वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण प्रदेश में बारिश और बर्फबारी का लंबा दौर शुरू हो गया है। बीते एक सप्ताह में ही सामान्य से करीब 60 फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और ठंड फिर से बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 5 से 6 दिनों तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहेगा और लोगों को फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।
गुरुवार को कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और चंबा जिलों में आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। वहीं अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बारिश होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने को कहा गया है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार 27 मार्च को वेस्टर्न डिस्टरबेंस थोड़ा कमजोर पड़ सकता है, जिससे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। लेकिन 28 मार्च से एक बार फिर स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जो पूरे प्रदेश में व्यापक असर डालेगा। इसके चलते मौसम फिर से बिगड़ेगा और बारिश व बर्फबारी का सिलसिला तेज हो जाएगा।
विशेष रूप से 29 और 30 मार्च को लेकर मौसम विभाग ने गंभीर चेतावनी जारी की है। इन दो दिनों में भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना है। लाहौल-स्पीति और किन्नौर को छोड़कर राज्य के अन्य 10 जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट रहेगा। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है, जिससे किसानों और बागवानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
31 मार्च को भी ऊंचे और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी जारी रहने की संभावना है। लगातार खराब मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे ठंड का असर फिर से बढ़ सकता है। ऐसे में प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी एहतियात बरतने की अपील की है।



